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सोमवार, अगस्त 02, 2010

पंजाबी साहित्य सभा, कोलकाता की गोष्ठी

पंजाबी साहित्य सभा, कोलकाता द्वारा रविवार एक अगस्त की शाम खालसा स्कूल, भवानीपुर में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में पंजाबी के जाने-माने लेखक तथा हाल ही में भाषा विभाग पटियाला द्वारा साहित्य शिरोमणि सम्मान प्राप्त श्री मोहन काहलों का अभिनंदन किया गया। उद्योगपति श्री बख्शीश सिंह धंजल ने उन्हें स्मृति चिहन् प्रदान किया तथा साहित्य सभा के सचिव श्री जगमोहन गिल ने शॉल ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया। श्री बच्चन सिंह सरल ने संक्षेप में मोहन काहलों जी के साहित्यिक सफ़र पर प्रकाश डाला।
स अवसर पर खालसा स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा कविता आवृत्ति की प्रस्तुति की गई। इसके अलावा, सदस्य सचिव - श्री गुरुदेव सिंह संघा, पूर्व महा सचिव डॉ. सुखवंत सिंह, लेखक-कवि रावेल पुष्प, श्रीमती भूपिंदर कौर तथा परवेश पटियालवी ने अपनी काव्य रचनाओं का पाठ किया। रेडियो ज़ॉकी-पत्रकार तथा अनुवादक नीलम शर्मा अंशु ने चंडीगढ़ निवासी लेखक श्री सुभाष शर्मा रचित पंजाबी कविता शिखंडी का हिन्दी अनुवाद श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर कोलकाता से प्रकाशित पंजाबी अख़बार देश दर्पण के संपादक श्री भूपिंदर सिंह सरणा तथा नवीं परभात के सर्वेसर्वा श्री सोहन सिंह ऐतीआणा ने मंच की शोभा बढ़ाई। साहित्य सभा के अध्यक्ष हरदेव सिंह ग्रेवाल ने कार्यक्रम का संचालन किया। ख़राब मौसम के बावज़ूद बड़ी भारी तादाद में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।
प्रस्तुति : संस्कृति सरोकार

1 टिप्पणी:

  1. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

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