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शुक्रवार, जून 01, 2012

हिन्दी पत्रकारिता के 186 वर्ष : एक सिंहावलोकन


हिन्दी पत्रकारिता के 186 वर्ष : एक सिंहावलोकन




स्वागत भाषण - विश्मभर नेवर
महानगर के छपते-छपते पत्रसमूह द्वारा हिन्दी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में 30 मई की शाम हिन्दी पत्रकारिता के 186 वर्ष : एक सिंहावलोकन विषय पर कार्यक्रम का आयोजन भारतीय भाषा परिषद प्रेक्षगृह में किया। आरंभ में कार्यक्रम के मुख्य सूत्रधार विश्वंभर नेवर ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया और हिन्दी समाचार पत्रों व पत्रकारिता के संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज पाठकों के पास चॉयस है कि वे कौन सा अखबार पढ़ें। आज शहर से कई  समाचार पत्रों का प्रकाशन सुखद अनूभूति देता है, अखबारों का परिवार समृद्ध हो रहा है, इस पर कोई परिवार नियोजन लागू नहीं है। 


स्मृति चिहन् प्राप्त करते डॉ. राम खिलावन त्रिपाठी रुक्म
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था, पांच वरिष्ठ पत्रकारों का अभिनंदन, जिनमें शामिल थे सुदामा प्रसाद सिंह, मोहम्मद इसराइल अंसारी, डॉ. संतन कुमार पांडेय, डॉ. राम खिलावन त्रिपाठी 'रुक्म' एवं रामगोपाल खेतान।  


रामगोपाल खेतान को सम्मानित करते न्य्याधी

उन्हें क्रमश:उत्तरीय, शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया व स्मृति चिहन् प्रदान किए गए।सभी पत्रकारों ने अपने-अपने समय की चुनौतियों का संक्षेप में उल्लेख किया। 




इस मौके पर बी. एम. बिरला हार्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा इन्हें हेल्थ कार्ड भी प्रदान किए गए।






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डॉ. कृष्ण बिहारी मिश्र ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और हिन्दी पत्रकारिता के सफर पर व्यापक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा  कि यह गर्व की बात है कि कोलकाता अहिन्दी महानगर होते हुए भी हिन्दी का सबसे बड़ा केन्द्र रहा। शिव प्रसाद मिश्र और बाल मुकुन्द गुप्त कोलकाता के प्रखर पत्रकार रहे हैं।





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बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे, कोलकाता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश कल्याण ज्योति सेनगुप्ता। उन्होंने कहा कि आज समाचारपत्रों के स्तर में गिरावट आई है। पत्रों पर व्यवसायिकता का प्रभाव बड़ी तेज़ी से पड़ा है। आज आई. पी. एल के समाचार प्रमुखता से प्रथम पृष्ठ पर स्थान पा रहे हैं।  
  
अंत में धन्य़वाद ज्ञापित किया छपते-छपते के प्रबंध संपादक विपिन नेवर ने । कार्यक्रम का कुशल संचालन किया राजप्रभा दासानी ने।प्रदेश की मुख्यमंत्री व राज्यपाल द्वारा इस मौके पर विशेष संदेश भी प्रेषित किए गए थे। साहित्य, पत्रकारिता, सामाजिक सरोकार व अन्य क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तित्व भारी संख्या में उपस्थित थे।                                                                                                                                                                                    



दर्शक दीर्घा


प्रस्तुति व तस्वीरें - नीलम शर्मा 'अंशु'


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3 टिप्‍पणियां:

  1. नेवर जी साधुवाद के पात्र हैं, जिन्होंने पता नहीं खुद कितने पत्रकार कोलकाता व देश को दिए।

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  2. फेस बुक के पेज पर प्राप्त टिप्पणियां यहां शेयर कर रही हूं :-
    1. प्रभात पांडेय - सुंदर प्रस्तुति
    (1-6-2012/10.30am).

    2. उदय भानु पांडेय - अरे वाह !
    (1-6-2912/11.18am)

    3. चंदन स्वप्निल - नेवर जी साधुवाद के पात्र हैं, जिन्होंने पता नहीं खुद कितने पत्रकार कोलकाता व देश को दिए। (1-6-2012/9.09pm)

    साथ ही उर्मिला शुक्ला, अजीत राय, तेजेन्द्र शर्मा आदि दोस्तों ने लाइक किया।

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